महात्मा गोतम बुद्ध और उनका धम्म

बाकी धर्मो से बोद्घ धम्म सर्वसरेस्ट क्यों क्या है बौद्ध धम्म में खास जानिए इस लेखमे 


बौद्ध धम्म एक वैज्ञानिक पद्धति पर आधारि पर आधारित धम्म  हैं इसमें सभी जीव जगत के प्रति करुणा मेत्री  समानता और सवेछा से जीने का अधिकार है किसी जीव का अधिकार छीनना अपराध ह चाहे वो इंसान हो या पशु,  स्त्री हो या पुरुष बौद्ध धम्म में आत्मा परमात्मा भूत प्रेत टोना टोटका पूजा पाठ व्रत उपवास जैसी कोई भी धारणा नहीं है ,बुद्ध आत्मा परमात्मा को नकारता है ,और भगवान या किसी  एसी अदृश्य स्कती जो बिना परीसर्म के पूजा अर्चना मात्र से आपको सुख प्रदान करने का दावा करे तो बौद्ध धम्म उसे कतई सविकर नहीं करता, बौद्ध धम्म में इंसान को जन्म देने वाले माता पिता से बड़ा किसी भगवान का दर्जा नहीं है यहां तक की सव्ये महात्मा बुद्ध खुद को भगवान नहीं बताते ,बौद्ध धम्म में माता पिता से बढ़ कर किसी का स्थान नहीं है बौद्ध धम्म  मूर्ति पूजा, पिंड दान, श्राद्ध ,स्वर्ग, नरक ,पुनर जन्म, जैसे अंध विश्वास को नकारता है और बौद्ध धम्म में पाखंड और अंध विश्वास केलिए कोई स्थान नहीं है   वाजहा है जो बौद्ध धम्म को सर्वसरेठ बनता है

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