तारीफ ए हुसन

 हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

अक्षर बिकते देखे है हुस्न मैने बीच बाजारों में जिनके साफ चहरे और चरित्र पर हजारों दाग होते है

हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

हुस्न वाले करते देखे है मैने मुजरे महफिलो में अच्छे विचारों वाले हुक्मरान होते है

हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

नोच लिए जाते है हुस्न वाले के हुस्न चंद पेसो की आड़ में वो हरगिज नहीं नोचे जाते जिनके विचारों में फोलाद होते है

हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

तुम तो कहते हो जला देते है हम सामने वाले को अपने हुस्न की आग से 

सुन ओ पागल हुस्न के जलाए भी वही जलते है जिनके कपड़े साफ और चरित्र में हजारों दाग होते है

उन्हें तो आग के सोले भी नहीं जलापते जिनके विचार सुथरे और साफ होते है

हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

अंत तो होना ह एक दिन सभी का बिना हुस्न वाले भी होंगे खाक एक दिन और हुसन वाले भी खाक होते हैं

हुस्न की तारीफ ना कर ओ मुसाफिर तारीफ के हकदार अच्छे विचार होते है

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