ज्योति बाफूले जी मै तूमको भग्वान कहूँ




मन विचलित है फुले जी जाने मै तुमको क्या कहूँ 
दिल करता है भगवान कहूँ या फिर शिक्षण सम्राट कहूँ 
तुने जो जगाया सोया समाज मै शिक्षा का सरताज कहूँ 
मन विचलित है फुले जी जाने मै तुमको क्या कहूँ 
नारी का सम्मान था दिल में नारी को  पढ़ाना है ये आत्म विश्वास था दील मे 
जी करता है मै तुमको बहुत बड़ा विद्वान कहूँ 
मन विचलित है फुले जी जाने मै तुमको क्या कहूँ 
तूने किया जो फुले जी मै त्याग कहूँ या बहोत बड़ा बलिदान कहूँ 
असम्भव को सम्भव कर तुने है जो काम किया दुनिया मे जो नाम किया
हर मासूम को पढ़ा लिखाकर शिक्षा से जो जोड़ दीया 
दील करता है मै तुमको सर्वोपरि भगवान कहूँ 
मन विचलित है फुले जी जाने मै तुमको क्या कहूँ 
रामरत्तन सूडा मै तुमको दिल से अपना स्वाभिमान कहूँ 
दील करता है फुले जी मै तुमको कोहीनूर कहूँ 
मन विचलित है फूले जी जाने मै तुमको क्या कहूँ 
घर्मा खिंच्ची मन करता है फूले जी मै तूमको नारी का सुत्र धार कहूँ 
तुने बनाइ अबला से नारी मै तूमको भगवान कहूँ 
मन विचलित है फूले जी जाने मै तूमको क्या कहूँ 
दिल करता है फूले जी मै तूमको भगवान कहूँ 

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